देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई दिनों से जारी बारिश के चलते पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिससे चारधाम यात्रा मार्ग सहित कई प्रमुख सड़कें बंद हैं। सबसे अधिक असर यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ा है, जो लगातार तीसरे दिन भी यातायात के लिए नहीं खुल सका।
मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
यमुनोत्री हाईवे पर बहाली का काम जारी
उत्तरकाशी जिले के स्यानाचट्टी क्षेत्र में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग अब भी बंद है। सड़क से मलबा हटाने और वैकल्पिक मार्ग तैयार करने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
भूस्खलन के कारण यमुना नदी में दोबारा झील बनने जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसे रोकने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से नदी के चैनलाइजेशन का कार्य भी जारी है।
चारधाम यात्रा समेत कई मार्ग प्रभावित
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण चारधाम यात्रा मार्गों के अलावा राज्य की कई अन्य सड़कें भी बाधित हैं। कुमाऊं मंडल में 30 से अधिक सड़कें बंद बताई गई हैं।
पिथौरागढ़ जिले में तवाघाट-लिपुलेख, थल-मुनस्यारी और दारमा समेत 15 संपर्क मार्ग भूस्खलन के कारण बंद हैं, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नदियां उफान पर, बारिश का सिलसिला जारी
प्रदेश की कई नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं। रविवार को कुछ क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता कम रही, लेकिन पहले हुई भारी वर्षा का असर अब भी बना हुआ है।
राजधानी देहरादून में दिनभर बादलों और धूप का दौर चलता रहा। दोपहर बाद कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ाई।
आज इन पांच जिलों में यलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार के लिए देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है।
इसके अलावा पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने और तेज से अति तेज बारिश के दौर की भी आशंका जताई गई है। लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
प्रदेश के प्रमुख शहरों का तापमान
रविवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पंतनगर में अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री और न्यूनतम 25.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं मुक्तेश्वर में अधिकतम 23.7 और न्यूनतम 16.4 डिग्री, जबकि नई टिहरी में अधिकतम 24.8 और न्यूनतम 16.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
